Quotes

जिद थी …

जमी पे सितारे सजाने की जिद थी
हमें उनको अपना बनाने की जिद थी
उन्हें कब थी फुर्सत सुने दिल की दास्तान मेरी
लेकिन हमें उनको सुनाने की जिद थी

….अरे सही वक़्त पे अक्ल आ गयी वरना
हमें खुद को उनपे मिटने की जिद थी

 

—–UNKNOWN

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वायदे इश्क़

न आग जाने न हवा जाने ;
कब नशेमन जला , खुद जाने ;
जब से वायदे इश्क़ पी लीया;
न दर्द जाने , न दावा जाने ||–Anonymous.

तमन्ना….

कुछ तो जीते है जन्नत की तमन्ना लेकर ,
और कुछ तमन्नाये जीना सीखा देती है|
हम किस तमन्ना के सहारे जिए ,
ये जिंदगी तो रोज़ एक तमन्ना बढ़ा देती है ||

Set Your Mood…तू किसी रेल सी गुज़रती है

तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू भले रत्ती भर ना सुनती हो
मैं तेरा नाम बुदबुदाता हूँ
किसी लम्बे सफर की रातों में
तुझे अलाव सा जलाता हूँ

काठ के ताले हैं, आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाबियाँ लगा
रात जो बाकी है, शाम से ताकी है
नीयत में थोड़ी खराबियाँ लगा
मैं हूँ पानी के बुलबुले जैसा
तुझे सोचूँ तो फूट जाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ

-Well known poet Dushyant Kumar